मरते समय भी भेदभाव! हिसार में एससी समाज के लिए बनाया अलग श्मशान घाट, मानवाधिकार आयोग ने मांगा जवाब
punjabkesari.in Thursday, Jan 15, 2026 - 07:15 PM (IST)
हिसार : हिसार जिले के खासा महाजनान गांव में श्मशान घाट में जाति के आधार पर भेदभाव का गंभीर मामला सामने आया है। गांव में सामान्य वर्ग और अनुसूचित जाति समुदाय के लिए अलग-अलग श्मशान घाट बनाया गया है। जाति के आधार पर शमशान घाट निर्धारित करने पर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं।
मामले की सूचना पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने संज्ञान लिया है। इस मामले को मानव गरिमा और समानता के अधिकार का उल्लंघन मानते हुए आयोग ने जिला प्रशासन से कार्रवाई रिपोर्ट मांगी गई है।
जाति अनुसार श्मशान घाट के बोर्ड़ लगाए
बाल अधिकार संरक्षण आयोग के पूर्व सदस्य सुशील वर्मा ने इसकी शिकायत आयोग को दी थी। सुशील वर्मा द्वारा शिकायत में बताया गया कि श्मशान घाट में जातिगत विभाजन को लागू करने के लिए अलग-अलग जगह बनाई गई हैं। इन अलग-अलग श्मशान घाटों पर जाति के अनुसार संकेतिक बोर्ड़ भी लगाए गए हैं। बोर्ड़ों में जनरल के लिए अलग तो एससी समाज के लिए अलग जगह दिखाई गई है। उन्होनें कहा कि यह व्यवस्था न केवल असंवैधानिक है, बल्कि सामाजिक समानता और मानवीय मूल्यों के खिलाफ भी है।

डीसी को 2 सप्ताह में देनी होगी रिपोर्ट
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की पीठ ने प्रथम दृष्टया इसे मानवाधिकारों का हनन मानते हुए जिला उपायुक्त, हिसार को निर्देश दिए हैं कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर 2 सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट आयोग को भेजी जाए।
आयोग ने इसे छूआछूत को बढ़ावा देना बताया
आयोग का कहना है कि इस प्रकार की घटनाएं संविधान के अनुच्छेद 14, 15 और 17 के विरुद्ध हैं और समाज में छूआछूत व बहिष्कार को बढ़ावा देती हैं। शिकायतकर्ता ने दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई और ऐसी अमानवीय परंपराओं पर रोक लगाने की मांग की है।
सरपंच प्रतिनिधि की सफाई
इस मामले में गांव के सरपंच प्रतिनिधि ने सफाई देते हुए बताया कि अलग श्मशान घाट का बोर्ड़ ठेकेदार द्वारा लगाया गया था। सूचना मिलने के बाद बोर्ड़ को हटवा दिया गया है। फिलहाल गांव में किसी प्रकार के तनाव की बात सामने नहीं आई।
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