Kurukshetra : लाडवा थाना कांड में रिश्वतखोरी के आरोपों की भी एंट्री, पीड़ित बोला- नाम निकालने के बदले मांगे थे पैसे
punjabkesari.in Sunday, Jun 21, 2026 - 03:33 PM (IST)
कुरुक्षेत्र (कपिल शर्मा): लाडवा थाना कांड में कथित मारपीट और दुष्कर्म के आरोपों के बीच अब रिश्वत मांगने का पुराना विवाद भी सामने आ गया है। पीड़ित युवक ने आरोप लगाया है कि कुछ समय पहले एक अन्य मामले की जांच के दौरान एक एएसआई ने शिकायत से उसका नाम निकालने के बदले उससे पैसे मांगे थे। हालांकि इन आरोपों की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
मामला उस समय और चर्चा में आ गया जब हाल ही में लाडवा थाना क्षेत्र में एक युवक के साथ कथित मारपीट और दुष्कर्म के आरोपों के बाद पुलिस की कार्रवाई सवालों के घेरे में आ गई। पीड़ित पक्ष के अनुसार युवक बोन कैंसर से पीड़ित है और कीमोथेरेपी का उपचार चल रहा है। इसी दौरान उसके साथ पुलिसकर्मियों द्वारा दुर्व्यवहार किए जाने के आरोप लगाए गए हैं।
पीड़ित ने सुनाई आपबीती
युवक ने अपनी शिकायत में बताया कि 17 जून की रात वह बैंक की ड्यूटी समाप्त कर मोटरसाइकिल पर घर लौट रहा था। कीमोथेरेपी के कारण उसके शरीर के बाल झड़ चुके हैं। रास्ते में होमगार्ड कर्मी ने उसे रोक लिया और पूछताछ शुरू कर दी। युवक का आरोप है कि कुछ देर बाद डायल-112 की टीम भी मौके पर पहुंची और वहां मौजूद एक पुलिसकर्मी ने उसके साथ मारपीट की।
पीड़ित का कहना है कि जब उसने मोबाइल से वीडियो बनानी शुरू की तो उसका फोन छीन लिया गया। युवक ने आरोप लगाया कि संबंधित पुलिसकर्मी उसे पहले से जानता था और पूर्व में भी उससे पैसों की मांग कर चुका था, लेकिन उसने पैसे देने से इनकार कर दिया था।
थाने ले जाकर मारपीट और दुर्व्यवहार के आरोप
शिकायत के अनुसार युवक को जबरन लाडवा थाने ले जाया गया, जहां पहले उसे काफी देर तक बैठाकर रखा गया। बाद में उसे एक कमरे में ले जाकर मारपीट की गई। युवक ने आरोप लगाया कि दो एएसआई और एक होमगार्ड कर्मी ने उसके साथ दुर्व्यवहार किया।
पीड़ित के अनुसार उसने पुलिसकर्मियों को बताया था कि उसकी टांग में बोन कैंसर है और चोट लगने से उसकी स्थिति गंभीर हो सकती है। इसके बावजूद उसके कैंसर प्रभावित हिस्से पर प्रहार किए गए। युवक ने यह भी आरोप लगाया कि कीमोथेरेपी के कारण उसके पैरों के बाल झड़ने पर पुलिसकर्मियों ने आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं।
तबीयत बिगड़ने पर अस्पताल पहुंचा
युवक ने बताया कि अगले दिन उसकी तबीयत अधिक खराब हो गई और ब्लीडिंग शुरू हो गई। पहले उसने शर्म और डर के कारण किसी को कुछ नहीं बताया, लेकिन स्थिति बिगड़ने पर परिजनों को पूरी जानकारी दी। इसके बाद उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाडवा ले जाया गया, जहां से उसे एलएनजेपी अस्पताल कुरुक्षेत्र रेफर कर दिया गया।
अस्पताल के चिकित्सकों के अनुसार युवक को चोटें आई थीं और उसने पुलिसकर्मियों पर यौन उत्पीड़न के आरोप भी लगाए।
एलएनजेपी अस्पताल में हुआ हंगामा
शनिवार रात पीड़ित का दोबारा मेडिकल करवाने की कोशिश को लेकर एलएनजेपी अस्पताल में हंगामा हो गया। बहुजन समाज पार्टी और अनुसूचित जाति समाज के लोगों ने पीड़ित से मिलने नहीं देने का आरोप लगाते हुए विरोध जताया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई।
पीड़ित की बहन ने आरोप लगाया कि उसके भाई को अस्पताल के बेड से जबरन उठाकर मेडिकल के लिए ले जाने का प्रयास किया गया। हालांकि पुलिस ने अपने स्तर पर की गई कार्रवाई को नियमानुसार बताया।
पुराने रिश्वत मांगने के आरोप भी आए सामने
युवक का आरोप है कि कुछ समय पहले उसके एक परिचित के खिलाफ दर्ज एक मामले में उसका नाम भी शिकायत में शामिल कर लिया गया था। उस दौरान जांच कर रहे एएसआई ने कथित तौर पर उसका नाम निकालने के बदले रिश्वत की मांग की थी। युवक का कहना है कि उसने पैसे देने से इनकार कर दिया था। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो पाई है।
3 पुलिसकर्मी निलंबित, SIT जांच शुरू
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस विभाग ने एएसआई संजीव कुमार, एएसआई राजेंद्र कुमार और होमगार्ड सुमित को निलंबित कर दिया है। तीनों के खिलाफ मारपीट से संबंधित मामला भी दर्ज किया गया है।
पुलिस अधीक्षक चंद्र मोहन ने बताया कि दुष्कर्म के आरोपों की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच की जा रही है और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
यह मामला अब पूरे जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है और विभिन्न सामाजिक एवं राजनीतिक संगठनों की नजरें जांच के परिणाम पर टिकी हुई हैं।
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