बाबा सब जानते हैं: विज स्मार्टफोन, लैपटॉप, टैब, इंटरनेट और सोशल मीडिया का करते हैं बखूबी प्रयोग

punjabkesari.in Monday, May 24, 2021 - 06:55 PM (IST)

चंडीगढ़ (धरणी): हरियाणा के गृह, स्वास्थ्य और निकाय मंत्री अनिल विज की लोकप्रियता और उनकी सुप्रसिद्धि से लगभग सभी परिचित हैं। लेकिन उनकी इस लोकप्रियता का मूल मंत्र आखिर क्या है। कैसे वह अपने विभिन्न विभागों को नियंत्रण में रखते हैं। किस प्रकार से वह प्रदेश और देश की राजनीति में इतने एक्टिवेट रहते हैं। इसके बारे में बहुत कम लोगों को ज्ञात है। इसका मूल कारण है वह पूर्ण रूप से आत्मनिर्भर हैं। 

विज स्वयं स्मार्टफोन, लैपटॉप, टैब, इंटरनेट और सोशल मीडिया का उपयोग करना पूरी तरह से जानते हैं। न केवल प्रयोग बल्कि इसका सही लाभ कैसे लेना है इसकी भी पूरी तरह से जानकारी वह रखते हैं। इस आयु में पहुंचने के बावजूद भी टेक्नोलॉजी को लेकर पूरी तरह से अनिल विज हाईटेक नजर आते हैं। उनके फेसबुक, ट्विटर और इंस्टाग्राम अकाउंट को देखकर उनकी जागरूकता का अंदाजा लगाया जा सकता है। अनिल विज को उनके बहुत से चाहने वाले बाबा के नाम से भी जानते हैं।

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एक वह दौर था जब युवा पीढ़ी गुल्ली डंडा, कंचे और पतंग जैसे खेलों में भाग लेती थी। लेकिन मौजूदा पीढ़ी इंटरनेट के जाल में फस कर घरों में कैद होकर रह गई है। लेकिन अधिकतर युवाओं द्वारा इंटरनेट के अनेकों प्लेटफॉर्मो का प्रयोग केवल मनोरंजन के लिए किया जाता है। वहीं सोशल मीडिया का सही और सकारात्मक प्रयोग अगर किया जाए तो उसके बेहतरीन परिणाम हो सकते हैं, यह अनिल विज की लोकप्रियता को देखकर सिद्ध होता है। सोशल मीडिया पर ट्विटर अकाउंट होने के कारण वह प्रदेश ही नहीं देश से भी जुड़े किसी भी बड़े मामले पर अपनी बात को बेबाक तरीके से रखते हैं। चाहे वो विपक्ष द्वारा सरकार, प्रधानमंत्री या प्रदेश के मुख्यमंत्री पर किए गए कटाक्ष का जवाब देना हो या प्रदेश के अधिकारियों को दिशा निर्देश या आदेश देने हों। वह हाईटेक टेक्नोलॉजी का प्रयोग कर अपनी उपस्थिति दर्ज करवाते हैं। जिसके कारण ही वह सुर्खियों में रहते हैं।

विज का मानना है कि सरकारी तंत्र के माध्यम किए जाने वाले पत्राचार की स्पीड काफी धीमी होने के कारण आदेश और दिशा निर्देश की पालना में काफी वक्त लगता है। लेकिन टेक्नोलॉजी का प्रयोग कर तुरंत प्रभाव से अधिकारियों तक बात पहुंचाई जा सकती है। वहीं वसोशल मीडिया के माध्यम से जनता को भी पता चलता है कि सरकार क्या कर रही है। इससे सरकार द्वारा की गई कार्यवाही में भी पारदर्शिता नजर आती है। कुछ समय पहले अस्वस्थ होने पर वह अस्पताल में भी इसके जरिए अपने विभिन्न विभागों को नियंत्रित करते रहे थे। 

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प्रदेश के सबसे साधारण दिखने वाले मंत्री अनिल विज हाईटेक संसाधनों के उपयोग में रुचि रखते हैं। वह अपने सभी विभागों पर नियंत्रण रखने के लिए जहां संसाधनों का प्रयोग करते हैं। वह मीडिया तक अपनी बात पहुंचाने के लिए केवल लोक संपर्क विभाग पर निर्भर नहीं रहते। वह खुद मीडिया तक अपनी बाइट्स, अपने बयान और प्रेस नोट पहुंचाते हैं। पुराने जमाने में जब हाईटेक जमाना नहीं था तब भी वह अपने हाथ से लिख कर प्रेस नोट मीडिया तक भिजवाते थे, यानि मीडिया से वह दूरियां बनाने में विश्वास नहीं रखते। 

वह 35 साल से राजनीति में है और 6 बार चुनाव जीत चुके हैं। भाजपा सरकार के सबसे सीनियर मंत्री हैं जो कि जनता में बेहद लोकप्रिय हैं। प्रदेश में जब भारतीय जनता पार्टी का अस्तित्व न के बराबर था तब भी यह अपने क्षेत्र से चुनाव जीतते रहे हैं। जनता हमेशा उनकी प्राथमिकता पर रही है। कुशल नेतृत्व के मालिक, बेबाक और सख्त अंदाज, स्टीक दिशा निर्देश और अनुशासन प्रिय अनिल विज दूरदर्शी सोच रखते हैं। उनकी सुदृढ़ कार्यशैली, फैसले लेने की शक्ति और काम करने का अंदाज जो भी देखता है वह उनका मुरीद हुए बिना नहीं रह सकता। 

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अनिल विज अपने सख्त रवैया के लिए विख्यात हैं। लेकिन उनकी प्रसिद्धि केवल हवा-हवाई नहीं है। अनिल विज केवल अपने अधिकारियों और स्टाफ पर ही पूरी तरह से निर्भर नहीं रहते। वह अपना काम और अपने विभागों की कार्य शैली पर खुद नजर बनाए रखते हैं। 

अब बात करते उनकी दूरदर्शिता का
कोरोना की पहली वेव के आने पर ही उन्होंने मेडिकल कॉलेज और हेल्थ विभाग के डॉक्टरस की एक टीम का गठन कर दिया था। जिसका काम केवल कोरोना महामारी क्या है, क्या-क्या इंतजाम किए गए, कौन सी दवाइयां इस्तेमाल की गई, क्या ट्रीटमेंट इस्तेमाल किया गया और क्या-क्या कदम जैसे लॉकडाउन, मास्क, सोशल डिस्टेंसिंग आदि की पालना की गई यह सारा डाटा नोट करना था। ताकि कभी भविष्य में 50-100-200 साल के बाद भी इस प्रकार का प्रकोप आए तो पिछला रिकॉर्ड उठाकर सभी जानकारियां हासिल की जा सके। विद वह मंत्री हैं जिन्हें केवल अपने 5 साल के कार्यकाल की चिंता नहीं बल्कि देश की अगली नस्लों की भी वह चिंता कर रहे हैं।


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Content Writer

vinod kumar

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