किसानों ने पराली जलाई तो पटवारी के रोजनामचा में दर्ज होगी रिपोर्ट

punjabkesari.in Friday, Oct 12, 2018 - 12:31 PM (IST)

सांपला(सोनू): पराली या फसली अवशेष न जलें इसके लिए प्रशासन अब एक कदम और उठा रहा है। प्रशासन ने तहसीलदार के माध्यम से पटवारियों की ड्यूटी तय कर दी है कि वे पराली जलने पर इसकी रिपोर्ट रोजनामचा रजिस्टर में दर्ज करें और नंबरदार, सरपंच या जनप्रतिनिधि के अलावा चौकीदार के बतौर गवाह हस्ताक्षर करवाएं। 

पटवारियों को यह भी निर्देश हुए हैं कि पटवारी जलने की सूचना के तत्काल बाद फायर ब्रिगेड बुलाई जाए और जल रहे अवशेषों को रोका जाए। प्रशासन ने इसके अलावा दूसरा कदम गांव में निगरान कमेटियां बनाने का है, जिसमें पंचायत विभाग, राजस्व विभाग व कृषि विभाग के अधिकारी शामिल होंगे जो पराली नहीं जलने देंगे। अधिकारी रात को 
करेंगे औचक निरीक्षण

फसली अवशेष न जलाए जाने को लेकर उपायुक्त ने उपमंडल अधिकारी, तहसीलदार व कृषि अधिकारियों की बैठक ले ली है। उपायुक्त ने कहा कि स्वच्छता मिशन में बेहतर कार्य करने वाले स्वयंसेवकों की मदद पराली न जलाने के मामले में ली जा सकती है और वे बेहतर काम कर पाएंगे। लोगों को जागरूक करने में मददगार बनेंगे साथ ही उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अधिकारी रात को औचक निरीक्षण पर निकलें ताकि पराली जलाने से रोका जा सके। 

तरूण पावरियां, एस.डी.एम. सांपला।
पिछले कुछ वर्षों से फसल अवशेष जलाने की घटना बढ़ी है, जिसको लेकर प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से आदेश मिला है। यदि अब की बार किसानों में फसल के अवशेष जलाएं तो उसका भुगतान किसान को करना पड़ेगा। इतना ही नहीं अब की बार किसानों को जेल भी जाना पड़ सकता है। 


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Deepak Paul

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