श्री राम के आदर्श कमजोर वर्गों के अस्तित्व और न्याय को प्राथमिकता देते है - मोरारी बापू
punjabkesari.in Tuesday, Jan 20, 2026 - 07:52 PM (IST)
गुड़गांव ब्यूरो :अहिंसा विश्व भारती और विश्व शांति केंद्र के संस्थापक जैन आचार्य लोकेश जी द्वारा आयोजित मोरारी बापू राम कथा का श्रवण करने आज स्वामी गोविंददेव गिरि भारत मंडपम में पधारे। आयोजन समिति के सदस्यों ने प्रतीक चिन्ह भेंट कर मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथियों का स्वागत किया। उन्होनें कहा कि जैनाचार्य लोकेश मुनि ने रामकथा करके इतिहास रच दिया है।
पूज्य मोरारी बापू जी ने कहा कि ‘राम की सार्वभौमिकता और समावेशिता उनके जीवन, आदर्शों और रामायण की शिक्षाओं में निहित है, जो उन्हें सांस्कृतिक और भौगोलिक सीमाओं से परे एक वैश्विक प्रतीक बनाती है | राम राज्य का आदर्श सभी कमजोर वर्गों के अस्तित्व और न्याय को प्राथमिकता देता है, जिससे सभी को सुरक्षा और अपनेपन का अहसास हो। समाज में धर्म, कर्तव्य, दया तथा समानता के शाश्वत मूल्यों का पालन विश्व शांति और सामाजिक समरसता का मार्ग प्रशस्त करता हैं। विश्व शांतिदूत आचार्य लोकेश जी ने कहा कि भगवान महावीर ने सभी जीवों के लिए प्रेम और समानता और समावेशिता के सिद्धांतों पर जोर दिया। उन्होंने सभी प्राणियों के उदय, जाति-धर्म से परे समानता और हर व्यक्ति को समान अवसर प्रदान करने की बात की, जिससे सामाजिक समरसता, विश्व कल्याण और शांति का मार्ग प्रशस्त होता है | अनेकांतवाद जैन धर्म का प्रमुख सिद्धांत है और अनेकता में एकता भारतीय संस्कृति का मूल मंत्र।
मुख्य अतिथि स्वामी गोविंददेव गिरि ने कहा कि भारत में विभिन्न धर्मों, भाषाओं, जातियों और समुदायों के लोग सदियों से एक साथ रहते आए हैं, जो विविधता में एकता का प्रतीक है | रामकथा के इस मंच और इस सभा में भी समवेशिता नजर आ रही है | जैन आचार्य लोकेशजी और रामकथा वाचक मोरारी बापू ने को विश्व शांति और सद्भाव का आह्वान भारत मंडपम से किया है यह प्रयास यक दिन अवश्य सफल होंगे, उसकी गूंज विश्व में शीघ्र सुनाई देगी। विश्व शांति मिशन के लिए भारत मंडपम में अहिंसा विश्व भारती द्वारा आयोजित रामकथा में 3000 से अधिक श्रद्धालुओं ने भाग लेकर कथा का आनंद उठाया।