RTI की अनदेखी करना DTP को पड़ा भारी, राज्य सूचना आयोग ने 25 हजार का जुर्माना लगाया
punjabkesari.in Tuesday, Sep 01, 2026 - 08:31 PM (IST)
गुड़गांव, (ब्यूरो): अवैध निर्माण, अतिक्रमण और अनधिकृत कब्जों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर चर्चा में रहने वाले गुरुग्राम के जिला नगर योजनाकार (डीटीपी) आरएस बाठ पर हरियाणा राज्य सूचना आयोग ने 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। आयोग ने उनके रवैये को गंभीरता से लेते हुए हरियाणा के अतिरिक्त मुख्य सचिव को बाठ को हरियाणा लोक प्रशासन संस्थान या किसी उपयुक्त संस्थान में कर्तव्य निर्वहन संबंधी प्रशिक्षण दिलाने की सिफारिश भी की है।
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यह आदेश राज्य सूचना आयुक्त डॉ. अजय सूरा ने भारत जैन की आरटीआई याचिका पर जारी किया। मामला 4 जनवरी 2022 को दाखिल आरटीआई आवेदन से जुड़ा है। आवेदक ने नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग से संबंधित विभिन्न नियमों, नीतियों और दिशा-निर्देशों की जानकारी मांगी थी। खास तौर पर वर्ष 2007 से 2016 के बीच स्वीकृत समूह आवासीय परियोजनाओं में आंशिक कब्जा या कब्जा प्रमाणपत्र जारी करने से जुड़े नियमों की जानकारी मांगी गई थी। आयोग ने 13 जुलाई 2023 को तत्कालीन जन सूचना अधिकारी को पूरी और बिंदुवार जानकारी दो सप्ताह में उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे। देरी को लेकर कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया। इसके बावजूद मामला लंबित रहा। आयोग के अनुसार, आरटीआई आवेदन के चार वर्ष से अधिक समय बाद भी विवाद पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ।
आरएस बाठ ने अपने जवाब में कहा था कि संबंधित अधिनियम, नियम, नीतियां और हरियाणा भवन संहिता विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध हैं तथा आवेदक को अभिलेखों के निरीक्षण का अवसर दिया गया था। आयोग ने इस तर्क को पर्याप्त नहीं माना। आयोग ने स्पष्ट किया कि नागरिक द्वारा मांगी गई विशिष्ट सूचना यदि लोक प्राधिकरण के पास उपलब्ध है तो जन सूचना अधिकारी को प्रत्येक बिंदु पर नियमानुसार जवाब देना होगा। केवल वेबसाइट का हवाला देकर जिम्मेदारी पूरी नहीं की जा सकती। आयोग ने यह भी कहा कि बाठ को कई अवसर दिए गए, लेकिन वह बार-बार सुनवाई में उपस्थित नहीं हुए। आयोग ने स्पष्ट किया कि वैधानिक प्राधिकरण के निर्देश सलाह मात्र नहीं, बल्कि उनका पालन करना सरकारी पद से जुड़ा दायित्व है।
आयोग ने 25 हजार रुपये का जुर्माना तीन महीने में जमा कराने के निर्देश दिए हैं। विभाग को राशि की वसूली सुनिश्चित करने को कहा गया है। साथ ही बाठ के प्रशिक्षण की सिफारिश की गई है, जिसमें कानून के अनुसार कर्तव्य निर्वहन, वैधानिक निर्देशों का पालन, अभिलेख प्रबंधन और जवाबदेही जैसे विषय शामिल होंगे। आवेदक भारत जैन को अभिलेखों के निरीक्षण का अंतिम अवसर दिया गया है। संबंधित जन सूचना अधिकारियों को सात दिन में निरीक्षण की तारीख, समय और स्थान बताने तथा 45 दिन में अनुपालन रिपोर्ट आयोग को सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।